The News Point (चंदौली) – मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक व धक्कामुक्की के मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका समेत नौ नामजद तथा 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. जिसके बाद जिले का सियासी पारा चढ़ गया है.
दरअसल जिला मुख्यालय पर जनहित मुद्दों पर धरना के बाद पत्रक सौंपने कलेक्ट्रेट जाते समय सपाइयों की पुलिस से धक्कामुक्की और तीखी नोकझोंक हुई थी. इस पर पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. धरने में पूर्व सांसद रामकिशुन के साथ ही पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू और पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए थे. धरना- प्रदर्शन के बाद सपा कार्यकर्ता पत्रक सौंपने के लिए कलेक्ट्रेट जा रहे थे.तभी पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सपाइयों को कलेक्ट्रेट जाने से रोकने का प्रयास किया. लेकिन उत्साहित कार्यकर्ता नहीं माने और कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा.
पुलिस ने पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, सांसद प्रतिनिधि नवीन सिंह, सपा से मुगलसराय विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी चंद्रशेखर यादव, जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका, मुसाफिर सिंह चौहान, पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष डॉ, विनोद बिंद, जिला महासचिव नफीस अहमद गुड्डू के साथ ही 200 से 250 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है.
पलिस का आरोप है कि धरनास्थल पर भडकाऊ भाषण दिए जाने की वजह से भीड उग्र हो गई और हाथो में डंडा लेकर लहराते और नारेबाजी करते हए मुख्य मार्ग की ओर बढने लगी. भीड को रोकने की कोशिश की गई तो सपा नेता और कार्यकर्ता हिंसक हो गए. पुलिस टीम पर हमला किया. पूलिस टीम के साथ दुर्व्यवहार, धक्कामुक्की के साथ ही मां-बहन की गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी गई.
सीओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि समाजवादी पार्टी को सिर्फ धरना तक प्रदर्शन की अनुमति ली गई थी, लेकिन इसका उल्लंघन करते हुए मौके पर चुनावी जनसभा की गई. वहीं कलेक्ट्रेट जाने का प्रयास किया गया. पुलिस टीम ने रोकने का प्रयास किया तो धक्कामूक्की और दर्व्यवहार किया गया. मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है.
पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई सत्ता पक्ष के दबाव में की गई है। उन्होंने कहा कि जिले की नहरें सूखी पड़ी हैं, किसान नर्सरी लगाने के लिए परेशान हैं और जल जीवन मिशन के तहत गांवों की गलियां खोद दी गईं, लेकिन लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। अमड़ा पावर हाउस का निर्माण अधूरा है, जिससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है। खाद-बीज की कमी और गड़ई नदी की खुदाई में अनियमितता जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन किया गया था। ऐसे आंदोलनों पर मुकदमा दर्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि जनहित के मुद्दों को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए समाजवादी पार्टी ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया था. इसके बावजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं पर आपराधिक मुकदमे दर्ज करना प्रशासन की दमनकारी नीति को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि समाजवादियों की आवाज को किसी भी शासन या प्रशासन द्वारा दबाया नहीं जा सकता. शांतिपूर्ण आंदोलन पर कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनहित के मुद्दों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन जारी रहेगा.


