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अटल जयंती : सुशासन दिवस के रूप में मना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जयंती

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Chandauli news : भारतीय जनता पार्टी की जयंती एक बैठक जिला कार्यालय पर आयोजित की गई. जिसमें देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी की जन्म जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रदेश मंत्री एवं जिला प्रभारी श्रीमती अनामिका चौधरी रही. 

इस दौरान उन्होंने कहा कि पंडित अटल बिहारी वाजपेई जी पार्टी के संस्थापकों में से एक है. अटल जी सन 1968 से 1973 तक भारतीय जन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे. अटल जी सन 1957 के लोकसभा चुनाव में पहली बार उत्तर प्रदेश के बलरामपुर लोकसभा सीट से जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में विजई हुए. आज उनके विचारों को जन जन तक पहुंचाने की जरूरत है,ताकि भारतीय जनता पार्टी और मजबूत हो सके.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष काशीनाथ सिंह ने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व हिमालय की भांति ऊँचा था. वे एक सफल राजनेता थे. जिनमें राजनीति के तमाम गुण मौजूद थे. भारतीय राजनीति में एक से बढ़कर एक नेता जो अपने गुणों के कारण अमर हुए और आज भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं. लेकिन अटल बिहारी वाजपेई एक ऐसे नेता थे. जो अपनी तरह के एकमात्र नेता थे. 

चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने कहा कि अटल जी के राजनीतिक विरोधी भी वाकपटुता और भाषण शैली के प्रशंसक रहे हैं. कई बार उन्हें संसद में यह कहा गया कि वह तो अच्छे हैं, लेकिन पार्टी नहीं. इस पर अटल जी ने चुटकी लेते हुए कहा था आप बताएं कि आप इस अच्छे बाजपेई का क्या करने वाले हैं. अटल जी जब भी भाषण देते थे तो उनका बॉडी लैंग्वेज भी अद्भुत होता था. अटल जी के लिए कहा जाता था कि उनकी जुबां पर सरस्वती का वास है.

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, अभिमन्यु सिंह, उमाशंकर सिंह, पीयूष यादव, जैनेंद्र कुमार,  सुरेश मौर्य, किरण शर्मा, संतोष खरवार, विजय शंकर पांडे समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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