The News Point (चंदौली) – भारतीय किसान संघ ने सोमवार दोपहर जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन के पास 17 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने भूमि अधिग्रहण, किसान सम्मान निधि, निराश्रित पशुओं, सिंचाई व्यवस्था, खाद की कालाबाजारी और बाढ़ से हुए नुकसान समेत कई मुद्दे प्रमुखता से उठाए।
बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग
किसान संघ के इंद्रासन सिंह ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाए। साथ ही, भूमिहीन किसानों को भूमि अधिग्रहण के दौरान सरकारी नौकरी और उचित पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
किसान सम्मान निधि दोगुनी करने की मांग
किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष मिश्रा ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए किसान सम्मान निधि की राशि दोगुनी की जानी चाहिए। उन्होंने अंश निर्धारण में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और उर्वरक की कालाबाजारी करने वालों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
निराश्रित पशुओं से फसलों को नुकसान
प्रदर्शनकारियों ने जिले में बढ़ती निराश्रित पशुओं की समस्या को भी उठाया। किसानों का कहना है कि खुले में घूम रहे पशु खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति हो रही है। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
नहरों और माइनरों के पक्कीकरण की मांग
किसान नेताओं ने जिले की खराब सिंचाई व्यवस्था पर भी चिंता जताई। संतोष मिश्रा ने कहा कि कई नहरों और माइनरों की स्थिति खराब होने के कारण किसानों को फसलों की सिंचाई में परेशानी होती है। उन्होंने सभी नहरों और माइनरों का पक्कीकरण कराने की मांग की, ताकि किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके।
बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग
धरने के दौरान बाढ़ से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की।
इसे दौरान धरना-प्रदर्शन के दौरान विवेक पांडेय, रविशेखर सिंह, रामचेला, सदानंद मौर्य, रवि शंकर और अखिलेश सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान व किसान संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।


