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Chandauli news : पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू हैदराबाद से साध रहे चन्दौली के जनप्रतिनिधियों पर निशाना, आप भी सुनिए…

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Chandauli news : कहते है राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है न स्थायी दुश्मन. लेकिन पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू राजनीति में सीमा बंधन तोड़ते हुए हैदराबाद से चन्दौली के सांसद व भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साध रहे है. चन्दौली में किसान धान की फसल बेचने के जद्दोजहद में जुटे है, वहीं  सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू इन दिनों तेलंगाना में धान की खेती में व्यस्त हैं. लेकिन विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर निशाना साधने में नहीं चुक रहे है.

वीडियो जारी करते हुए उन्होंने तेलंगाना में खेती के लिए सरकार की ओर से प्रदत्त सुविधाओं का जिक्र करते हुए चंदौली के किसानों को बताया कि तेलगांना के किसान साल में तीन बार धान की खेती करते हैं, जिसके लिए उन्हें सरकार की ओर निःशुल्क बिजली व पानी, समय पर उर्वरक व अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध होती है. इतना ही नहीं फसल कटने के बाद सहूलियत के साथ यहां के किसान अपने धान को बेचकर अपनी आय को बढ़ा रहे हैं. यहां कभी भी खरीद के अभाव में किसानों के धान सड़ने, गलने, भींगने जैसी समस्याएं नहीं होती है, ना ही किसान धान ना बिकने की शिकायतों को लेकर आंदोलित होता.

तेलंगाना की खेती और खेती के अनुकूल सरकारी सेवाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने धान के कटोरे के रूप में ख्याति प्राप्त चंदौली के राजनेताओं पर निशाना भी साधा. कहा कि चंदौली के नेता बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद जिले में एक भी पम्प कैनाल स्थापित नहीं हो पाया. साल में एक बार किसान धान की खेती करते हैं. बावजूद इसके खेती के सीजन में किसानों को न तो समय पर बिजली व पानी मिल पाती है,और ना ही खाद की उपलब्ध हो पाता है. इन सबके बावजूद मौसम की मार भी चंदौली के किसानों को झेलनी पड़ती है. बावजूद यदि किसान की धान की फसल बच जाए तो उन्हें धान क्रय केन्द्र पर दौड़ लगानी पड़ती है.

उन्होंने कहा कि तेलगांना के खेती अनुकूल सरकारी सेवाओं के अनुरूप यदि चंदौली के किसानों को सुविधाएं मिले तो किसान पैदावार को बेहतर करने के साथ ही अपनी आर्थिक स्थिति में भी सुधार ला सकते हैं. बताया कि तेलंगाना में कालेश्वरम डैम है,जो 1832 किलोमीटर लम्बे कृषि रकबे की सिंचाई साल में तीन बार करता है. यही वजह है कि यहां के किसानों को पानी की किल्लत नहीं होती. लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चंदौली के जनप्रतिनिधि किसानों के हित में कार्य से अब तक परहेज करते दिख रहे हैं, जिससे किसान परेशान है.

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