चंदौली – वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बने एनएचएम संविदा कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ ने सीएमओ कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। संघ ने साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष राजकुंवर सिंह ने कहा कि प्रदेश में एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने में जुटे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान अधिकार और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे एनएचएम कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए। जब तक समान कार्य-समान वेतन लागू नहीं होता, तब तक वर्तमान मानदेय में तत्काल वृद्धि की जाए और विभाग में आवश्यक पदों का सृजन किया जाए।
महामंत्री प्रवीण कुमार सिंह ने कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने के साथ डीए, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का लाभ देने की भी मांग की। इसके अलावा रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने, सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने, आउटसोर्स कर्मियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित भर्तियों में एनएचएम कर्मियों के लिए 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग उठाई गई।
संघ ने आंदोलन की अगली रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। चेताया कि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 5 से 7 अक्टूबर तक काला फीता बांधकर विरोध किया, 8 से 10 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार और इसके बाद 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
इस दौरान धरने में डॉ. संजय, डॉ. कुसुम, डॉ. अमर सिंह, डॉ. अभिषेक, डॉ. विजय, रुखसार, प्रियंका, धनंजय, मनीष, अभिषेक राय, डॉ. दिलशाद, दिनेश कुमार यादव समेत जिलेभर के बड़ी संख्या में एनएचएम संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।


