The News Point (चंदौली) – रक्षाबंधन का पर्व इस बार सैयदराजा विधानसभा में सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं रहा. पर्व के बहाने सियासी मंच भी सजे और हजारों महिलाओं की मौजूदगी में महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण के साथ-साथ चुनावी संदेश भी गूंजा. एक तरफ भाजपा विधायक सुशील सिंह ने बड़े स्तर पर सम्मान समारोह आयोजित कर सरकारी और स्थानीय निकायों से जुड़ी महिलाओं को उपहार देकर सम्मानित किया, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक एवं सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू के रक्षा स्नेह बंधन कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में महिलाओं की भीड़ जुटी. दोनों आयोजनों ने सैयदराजा विधानसभा में सियासी तापमान बढ़ा दिया है.
भाजपा विधायक सुशील सिंह के आयोजन में मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ और राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह बतौर अतिथि शामिल हुई . एएनएम, अनुदेशक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षामित्र, रसोइया और सफाईकर्मी बहनों के साथ ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य महिलाओं की भी मौजूदगी रही. महिलाओं ने विधायक को रक्षा सूत्र बांधा. बदले में सुशील सिंह ने बहनों को उपहार देकर सम्मान जताया और उनका आशीर्वाद लिया.
मंच से सुशील सिंह ने इस आयोजन को महिला सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह और सरकार बहनों के साथ खड़े रहेंगे. उनका कहना था कि बहनों के सम्मान के लिए योगी सरकार और वह स्वयं उनके साथ हैं. विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसा कार्यक्रम पिछले वर्ष भी आयोजित किया गया था और इस वर्ष इसे विधानसभा स्तर पर बड़े रूप में किया गया है.
वहीं, पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू की ओर से आयोजित रक्षा स्नेह बंधन कार्यक्रम भी सियासी चर्चा का केंद्र बना. रक्षा बंधन से एक दिन पूर्व आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पूर्व विधायक को रक्षा सूत्र बांधा. कार्यक्रम में महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. मनोज सिंह डब्लू ने भावनात्मक अंदाज में बहनों की रक्षा और सम्मान का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी रक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए अगर मनोज का खून का कतरा भी बहाना पड़ेगा तो वह कभी पीछे नहीं हटेंगे.
दोनों नेताओं के कार्यक्रमों की तस्वीर भले ही अलग रही, लेकिन राजनीतिक संदेश काफी हद तक एक जैसा दिखाई दिया.’महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और भरोसे का एहसास कराकर अपने साथ जोड़ना’. यही वजह है कि रक्षाबंधन के इन आयोजनों को महज सामाजिक कार्यक्रम मानने के बजाय सैयदराजा की बदलती चुनावी राजनीति के आईने के तौर पर भी देखा जा रहा है.
सैयदराजा विधानसभा में महिला मतदाताओं की बड़ी संख्या किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है. ऐसे में चुनावी माहौल बनने से पहले ही भाजपा और सपा दोनों की ओर से आधी आबादी के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश दिखाई देने लगी है. एक तरफ भाजपा अपने सरकार के काम, महिला सम्मान और सुरक्षा के संदेश के साथ मैदान में है, तो दूसरी तरफ सपा खेमे की ओर से व्यक्तिगत जुड़ाव, सुरक्षा और सम्मान का भरोसा देकर महिलाओं को अपने पक्ष में लामबंद करने की कोशिश नजर आ रही है.
खास बात यह है कि दोनों आयोजनों में महिलाओं की बड़ी भीड़ ने स्थानीय राजनीति को नई चर्चा दे दी है. सवाल यह नहीं कि रक्षाबंधन पर किसने कितना बड़ा आयोजन किया, बल्कि सवाल यह है कि क्या ये भीड़ आने वाले चुनाव में वोट में तब्दील होगी? क्या रक्षा सूत्र और सम्मान के जरिए नेताओं ने आधी आबादी के मन में अपनी जगह बनाने की कोशिश की है?
रक्षाबंधन के बहाने हुए इन शक्ति प्रदर्शनों ने साफ संकेत दे दिया है कि सैयदराजा में चुनावी बिसात पर महिला मतदाता अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि निर्णायक खिलाड़ी हैं. भाजपा विधायक सुशील सिंह और पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू दोनों अपने-अपने तरीके से बहनों का भरोसा जीतने की कोशिश में जुटे हैं. ऐसे में अब देखना यह होगा कि रक्षा सूत्र से बने रिश्ते और मंच से किए गए वादे चुनावी मैदान में कितने वोटों का साथ दिला पाते हैं ?


