उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ नेता चुनाव नहीं लड़ते, वे अपना इलाका चलाते हैं। उमाशंकर सिंह ऐसे ही नेताओं में थे। बुधवार को कैंसर से उनकी मौत के साथ केवल एक विधायक नहीं , बल्कि पूर्वांचल की राजनीति का एक ऐसा केंद्र समाप्त हो गया, जिसके इर्दगिर्द वर्षों तक सत्ता, विपक्ष, अफसरशाही और कारोबार के समीकरण घूमते रहे। करीब ढाई वर्ष तक कैंसर से लड़ने के बाद उन्होंने दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। अंतिम दिनों में वे ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे। बीमारी लगातार बढ़ती रही, इलाज देश और विदेश में चला, ले


